दिमाग़ी बुखार (जेई/एईएस) जैसे लक्षण के सूचना पर चौखंडी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, जांच में जुटी
अनिल कनौजिया
बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के चौखंडी गांव में दिमागी बुखार (जेई/एईएस) जैसे लक्षण मिलने की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरौलीगौसपुर की एक टीम ने बुधवार को गांव का दौरा किया। इस टीम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. देव प्रताप सिंह, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
डॉ. देव प्रताप सिंह ने बच्चे की गहनता से जांच की। दिमागी बुखार की पुष्टि के लिए बच्चे का सैंपल लेकर तत्काल जांच हेतु लैब भेजा गया। बच्चे को मौके पर ही दवाइयां दी गईं और परिजनों को उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करने की सलाह दी गई।
इसके अतिरिक्त, टीम ने गांव में दिमागी बुखार के प्रसार को रोकने के लिए फॉगिंग करवाई और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने आसपास के घरों का भी सर्वेक्षण किया ताकि बुखार के अन्य संभावित मरीजों की पहचान की जा सके।
डॉ. देव प्रताप सिंह ने बताया कि तेज बुखार के साथ उल्टी, बेहोशी या झटके आना दिमागी बुखार के संभावित लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचने की अपील की।
डॉ. देव प्रताप सिंह ने बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाने, मच्छरदानी का उपयोग करने और घर के आसपास पानी जमा न होने देने जैसे निवारक उपाय अपनाने की भी सलाह दी।
स्वास्थ्य विभाग ने चौखंडी गांव में निगरानी बढ़ा दी है। आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगनी शर्मिला सिंह को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।


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